जानिए क्यों एक घोड़े को अंतिम विदाई देने पहुंचे हजारों लोग, अब सबकी होगी कोरोना जांच

बेंगलुरु । कर्नाटक के बेलागवी जिले में रविवार को प्रशासन ने माराडीमठ को सील कर दिया। स्थानीय देवता को समर्पित ‘पवित्र घोड़े’ की मौत के बाद इसे अंतिम विदाई देने के लिए शनिवार को हजारों लोग उमड़ पड़े थे। माराडीमठ गांव के कादासिद्देश्वर आश्रम से जुड़े इस घोड़े की मौत शुक्रवार रात को हो गई थी।

शनिवार को जब इस घोड़े की अंतिम यात्रा निकाली गई तो हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। अधिकारियों ने करीब 400 घरों वाले मराठीमढ़ को सील कर दिया है।

कोन्नूर को तहसीलदार प्रकाश होलेप्पागोल ने कहा कि गांव में आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है तो सभी लोगों का कोविड-19 टेस्ट भी किया जाएगा। पिछले सप्ताह गांव के लोगों ने आश्रम के घोड़े को इस प्रार्थना के साथ खुला छोड़ दिया था कि यह दुनिया को कोरोना वायरस से मुक्ति दिलाएगा। गांव में दो दिनों तक भटकने के बाद शुक्रवार रात इसकी मौत हो गई।

शनिवार को श्री पावादेश्वर स्वामी ने इसका अंतिम संस्कार किया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और कोरोना को लेकर लागू पाबंदियों का उल्लंघन किया। इस बीच, राज्य के राजस्व मंत्री आर अशोकल ने रविवार को कहा पूरे कर्नाटक में गांवों में कोविड-19 की स्पॉट टेस्टिंग की जाएगी। घर-घर जाकर जांच के लिए टीम बनाई जाएगी।