कोरोना खात्मे की अरदास के साथ शुरू की 900 किलोमीटर की पैदल यात्रा

हरिद्वार से शुरू हुई पदयात्रा पहुंची भिवानी, श्रीमहंत अशोक गिरी ने किया स्वागत

भिवानी । विनोद गांधी।  कोरोना पर लगाम लगाने की अरदास को लेकर श्री देवचंद्रेशवर महादेव मंदिर जैसलमेर, राजस्थान के मठाधीश भगवान भारती हरिद्वार से गंगाजल लेकर पदयात्रा सावन माह में जैसलमेर पहुंचेगी। इसी के तहत भगवान भारती अपनी यात्रा के दौरान स्थानीय हालुवास गेट पर सिद्धपीठ बाबा जहरगिरी आश्रम में पहुंचे। इस अवसर पर आश्रम के पीठाधीश्वर अंतर्राष्ट्रीय श्रीमहंत जूना अखाड़ा डॉ. अशोकगिरी महाराज ने स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर श्री देवचंद्रेशवर मठ के मठाधीश भगवान भारती ने कहा कि सम्पूर्ण विश्व में कोरोना महामारी के खात्मे की प्रार्थना के लिए उन्होंने यह यात्रा शुरू की हैं। उन्होंने बताया कि वे 24 मई से हरिद्वार से चले थे तथा 9 जून को भिवानी पहुंचें है तथा इसके बाद उनकी पदलयात्रा जैसलमेर श्रावण मास लगने से पहले पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि वे प्रतिदिन 25 किलोमीटर की यात्रा करते है। जैसलमेर पहुंचकर महादेव का जलाभिषेक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस कलयुग में हर कोई अर्थ के पीछे भाग रहा है, जबकि इस सांसारिक जीवन का उद्देश्य सिर्फ अर्थ उपार्जन नहीं है। मनुष्य ही एक ऐसा प्राणी है, जो अपने भविष्य के बारे में सोचकर अपना वर्तमान खराब कर रहा है। जबकि सबसे ज्यादा बुद्धि मनुष्य में ही होती है। उन्होंने कहा कि उनकी भगवान से प्रार्थना है कि पृथ्वी पर कोरोना महामारी जल्द खत्म हो। इस मौके अंतर्राष्ट्रीय श्रीमहंत अशोक गिरी महाराज ने भगवान भारती को स्मृति चिह्न भेंट करते हुए कहा कि ये नेक कार्य कर रहे है। विश्व की भलाई व विश्व शांति के लिए पदयात्रा की जा रही है। हर मनुष्य को विश्व शांति के लिए धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए। श्रीमहंत ने कहा कि आज मनुष्य के नकारात्मक विचारों का ही परिणाम है कि जो इतनी भयंकर बीमारी पृथ्वी पर छाई हुई हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य को धार्मिक कार्यो में बढ़-चढक़र अपनी रूचि दिखानी चाहिए तथा पूरी श्रद्धा से धार्मिक अनुष्ठानों पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए, तभी ऐसी महामारी से बचा जा सकता हैं।