अनंत गोयनका ने पूछा ऐसा सवाल, सीएम योगी बोले- अफसोस करता तो संन्यासी नहीं होता

देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। जैसे-जैसे साल 2022 करीब आ रहा है वैसे-वैसे राजनीतिक गलियारों में सुबगुहाट भी तेज हो गई है। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। योगी आदित्यनाथ सीएम बनने से पहले गोरखपुर से सांसद रहे हैं और अब उनकी पहचान एक बड़े हिंदू चेहरे के तौर पर है। सीएम योगी हमेशा एक संन्यासी की वेशभूषा में रहते हैं और यही कारण है कि वह अन्य मुख्यमंत्रियों की तुलना में अगर नजर आते हैं। चुनावों के बीच सीएम योगी का एक इंटरव्यू वायरल हो रहा है। जिसमें सीएम खुद अपने संन्यासी होने के बारे में बात कर रहे हैं।

दरअसल, द इंडियन एक्सप्रेस के ‘ई अड्डा’ कार्यक्रम में ग्रुप के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनंत गोयनका ने सीएम योगी से खास बातचीत की। जिसमें उन्होंने सीएम से सवाल किया कि, क्या कोई ऐसा अफसोस है जो आपको जिंदगी भर रहेगा?

इस पर सीएम ने जवाब दिया कि, ‘हम लोग कभी अफसोस नहीं करते। कोई भी कार्य करने से पहले अच्छे से सोच-विचार लेते हैं। इसलिए अफसोस नहीं होता और अगर अफसोस होता तो क्या मैं संन्यासी बनता?

वैसे तो अनंत गोयनका ने सीएम योगी पर बहुत सारे सवालों की बौछार की मगर मुख्यमंत्री भी कही चूके नहीं बल्कि हर सवाल का जवाब शानदार तरीके से दिया। इस कार्यक्रम में संन्यास से संबंधित कई बातें हुई।

सीएम ने बोला- एक संन्यासी भी सामाजिक जीवन के हर सेक्टर में परिवर्तन ला सकता है। मोदी जी ने जो अवसर हमें दिया है, उस जवाबदेही के साथ उसको लागू करना और आगे बढ़ाने का ही हम काम कर रहे हैं।

योगी से जब सवाल किया गया कि विपक्ष के किस व्यक्ति की आप तारीफ कर सकते हैं? इसपर योगी ने कहा कि आज के विपक्ष में उस तरह के लोगों की कमी लगती है। इसके बाद उन्होंने राम मनोहर लोहिया का नाम लिया और कहा कि अगर उनसे सबक लिया गया होता तो विपक्ष के लोग परिवारवाद से मुक्त हो पाते और देश का कल्याण कर पाते।

किस ध्येय पर चलते हैं योगी?
कार्यक्रम में अनंत गोयनका ने हनुमान प्रसाद जी पोद्दार का भी जिक्र किया और सीएम से सवाल किया कि, ज्ञान योगी हैं या कर्म योगी हैं? इस पर योगी आदित्यनाथ ने मुस्कुराते हुए पोद्दार जी की तारीफ की और कहा कि, हमारे लिए श्रद्धेय रहे हैं। सीएम बोले, ‘गीता के संदेश में स्पष्ट कहा गया है कि तस्मात योगी भवार्जुनः, श्रीमद्भगव्द्गीता हमें निस्वार्थ भाव के साथ कर्म करने की शिक्षा दे रही है। वही हमारा ध्येय है।’ बता दें, सीएम योगी मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही अपने कामों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। अब जब फिर से चुनाव होने वाले हैं तो ऐसे में एक बार फिर वह चर्चाओं में हैं।