सिंघु बॉर्डर खुलवाने कयास शुरू, मुख्यमंत्री मनोहर लाल की हाईलेवल मीटिंग : बातचीत के बाद किसानों ने दिया एक साइड का रास्ता खोलने का भरोसा

करनाल । 

सिंघु बॉर्डर को खुलवाने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल आज हाईलेवल मीटिंग ले रहे हैं। इसमें मुख्यमंत्री , गृहमंत्री अनिल विज, DGP और गृह सचिव भी मौजूद हैं। बैठक में किसान आंदोलन से लेकर विशेष रूप से चर्चा संभव है।

इससे एक दिन पहले मंगलवार को सोनीपत में डिप्टी कमीशनर ललित सिवाच की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि जीटी रोड पर एक साइ़ड से लोगों को आवाजाही के लिए रास्ता दें, ताकि आम लोगों को होने वाली समस्याओं को दूर किया जा सके, जिस पर किसानों ने भरोसा दिया है। ऐसा करवाने में प्रशासन 9 महीने बाद सफल हुआ है और इस सफलता का दरवाजा करनाल से खुला है।

मंगलवार को DC ललित सिवाच के साथ बैठक में मौजूद किसान।
मंगलवार को DC ललित सिवाच के साथ बैठक में मौजूद किसान

बैठक में बन रही आगे की रणनीति
मंगलवार को DC के साथ हुई बैठक के बाद किसानों ने एक तरफ का रास्ता खोलने के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं। जिसके बाद अब सरकार इसके आगे की रणनीति पर विचार कर रही है कि किसानों को कैसे वहां से हटाया जाए। उन्हें अब धरने के लिए कौन सी जगह दी जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिए थे
डिप्टी कमीशनर ने बताया कि मोनिका अग्रवाल की जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि जनहित में कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों से एक तरफ का रास्ता खाली करवाया जाए। इसके बाद ललित सिवाच के निवेदन पर किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि वे इस बात पर विचार करेंगे। इसके लिए वे संयुक्त किसान मोर्चा के अन्य प्रतिनिधियों के साथ बैठक करके जल्द प्रशासन को इसकी सूचना देंगे। कुछ किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि एकतरफ मार्ग छोड़ने के एवज में उन्हें दूसरी जगह वैकल्पिक जगह उपलब्ध करवाई जाए। दिल्ली की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग का बंद किया जाना और दीवार खड़ी करना भी एक प्रमुख समस्या है।