हिमाचल में भूस्खलन से 272 सड़कें बंद, एक सप्ताह चलेगा बारिश का दौर

शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश जनजीवन पर भारी पड़ने लगी है। भारी बारिश के बाद भूस्खलन ने अनेक सड़कों पर वाहनों की आवाजाही को प्रभावित किया है। लोकनिर्माण विभाग के मुताबिक राज्य में कुल 272 सड़कों पर शुक्रवार को यातायात ठप रहा। जिसमें से सर्वाधिक 177 सड़कें मंडी जोन में अवरूद्व हैं। शिमला जोन में 48, कांगड़ा जोन में 31 और हमीरपुर जोन में 16 सड़कें भूस्खलन से बंद रहीं। 

लोनिवि का दावा है कि मौसम साफ रहने पर 209 सड़कों को जल्द खोल दिया जाएगा। सड़कों की बहाली के लिए विभाग ने 385 जेसीबी, डोजर व टिप्पर काम पर लगाए हैं। बारिश व भूस्खलन से अब तक लोनिवि को 26894.62 लाख का नुकसान आंका गया है। सबसे अधिक 6990.68 लाख का नुकसान हमीरपुर जोन में हुआ है। कांगड़ा जोन में 6287.16 लाख, शिमला जोन में 5978.77 लाख, मंडी जोन में 5681.11 लाख का नुकसान हुआ है। इसके अलावा नेशनल हाईवे को 1956.90 लाख की क्षति पहुंची है। बीते 4-5 दिनों से हो रही जोरदार बारिश की वजह से सतलुज, ब्यास और सहायक नदियां उफान पर हैं। 
उधर, मौसम विभाग ने आगामी 27 अगस्त तक राज्य में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। मैदानी व मध्यपर्वतीय क्षेत्रों में 25 अगस्त को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि यह अलर्ट लाहौल-स्पीति व किन्नौर को छोड़कर अन्य सभी 10 जिलों के लिए रहेगा। राज्य के विभिन्न भागों में शुक्रवार को व्यापक बारिश हुई। राजधानी शिमला में भी कई घंटों तक बारिश का दौर चला। इससे तापमान में गिरावट आने से मौसम ठंडा हो गया। 
बीते 24 घंटों के दौरान बिलासपुर के नैना देवी में सर्वाधिक 161 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा अर्की में 158, भोरंज में 95, डल्हौजी में 66, बलद्वारा में 64, खेरी में 62, सुंदरनगर में 60, झंडुता में 56, अघ्घर में 53, सुजानपुर टीहरा में 51, बिजाई में 49, करसोग में 47, भराड़ी में 44, बिलासपुर में 41, सलूणी में 37, तीसा में 36, बरठीं में 35, मैहरे में 31, नाहन में 30, पालमपुर, जुब्बल व बांगटू में 29, बैजनाथ में 28, बंजार में 27, सराहन में 26, जतौन बैरेज व धर्मशाला में 25, गग्गल, सरकाघाट, गोहर व हमीरपुर में 24, चंबा में 22 और शिमला में 21 मिमी बारिश हुई है।