सूरत में कोरोना ने कपड़ा व्यापारियों की बिगाड़ी सूरत

सूरत के 170 बाजारों में हैं कपड़ा की 70,000 दुकानेंं
लॉकडाउन मेें हजारों व्यापारियों ने दुकानें कर दीं खाली
सूरत/अहमदाबाद (हि.स.)।
राज्य में कोरोना मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 1310 नए मामले सामने आए हैं। इस दौरान 15 लोगों की कोरोना से मौत हो गई है। सूरत में भी कोरोना का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने सूरत के बाजारों में यातायात को कम करने और बाजार की आधी दुकानों को बंद कर दिया है। कोरोना प्रकोप के चलते यहां के कपड़ा व्यापार ठप पड़ा है। त्योहरों के सीजन में भी बाजार में सन्नाटा सा है।
सूरत में 170 कपड़ा बाजारों में 70,000 से अधिक दुकानें हैं, जिनमें से 50 प्रतिशत किराए पर हैं। अनुमानित 6,000 से अधिक दुकानें प्रवासियों के जाने और लॉकडाउन के दौरान किराए के विवाद को लेकर खाली हो गई हैं। अनलॉक के बाद व्यापार खुल गए लेकिन कपड़ा व्यापार को गति नहीं मिली। इससे कपड़ा व्यापारियों की दुश्वारियां और बढ़ गई हैं। किराए पर ली गई दुकानों का किराया निकाला व्यापारियों के लिए एक चुनौती बना हुआ है। कपड़ा व्यापारी चिंतित हैं कि आने वाले दिनों में जल्दी कपड़ा उद्योग को गति नहीं मिलेगी। अब अनलॉक के बाद भी व्यापारियों के लिए दुकानों के किराए को लेकर बड़ी समस्या बनी हुई है। दिवाली जैसे बड़े त्योहार के बावजूद स्थिति यह है कि बाजार ठप पड़ा है।